
Heart-wrenching melody and profound poetry on betrayal — a contemporary heartbreak ballad with classical influences, and the most-streamed song in the catalogue.
Written by Dr Abhishek Srivastava
ग़म तेरी बेवफ़ाई का, हर पल रुलाता है, कतरा कतरा मेरे दिल का तुझे, फिर भी बुलाता है।
दर्द का सावन है, आँसुओं की बारिश है, जीने की इस दिल में, ना कोई भी ख़्वाहिश है। बेरंग है हर मौसम, ज़िंदा रहना भी तड़पाता है। ग़म तेरी बेवफ़ाई का, हर पल रुलाता है।
हमसाया तेरा था मैं, साया बनकर ही जीना था, मिलता जो प्यार तेरा, तो कोई ग़म ही ना था।
तेरी उल्फ़त में न जाने कितने अरमान सजाए थे, मासूम इस दिल को क्या-क्या सपने दिखाए थे। बेमुरव्वत तेरा होना, मेरी साँसों को जला जाता है। ग़म तेरी बेवफ़ाई का, हर पल रुलाता है, कतरा कतरा मेरे दिल का तुझे, फिर भी बुलाता है।