
A journey of passion and connection — the certainty of the heart that says: in every heartbeat, in every moment of longing, you are mine.
Written by Dr Abhishek Srivastava
ऐसा लगता है… तुम मेरी हो, मेरी हो, मेरी हो तुम, तुम मेरी हो। ऐसा लगता है… ऐसा लगता है…
हर धड़कन में, हर आहट में, हर पल की चाहत में। तुम मेरी हो, ऐसा लगता है…
दूर नहीं, मेरी साँसों में हो, मेरे दिल के एहसासों में हो, मेरी बातों, मेरे जज़्बातों में हो, मेरी अच्छी शुरुआतों में हो, हर पल तेरा ही चेहरा दिखता है, ऐसा लगता है… ऐसा लगता है…
तुम हो इन निगाहों में, आ जाओ, मेरी बाहों में, ले लो मोहब्बत मेरी, अपनी पनाहों में, बुला लो मुझे दिल की राहों में। तेरे दिल तक जाता, मेरे प्यार का रस्ता है, ऐसा लगता है… ऐसा लगता है…
तेरे बिन हर पल सूना लगता है, पास हो तो दिल धड़कता है। तुम मेरी हो, मेरी हो, मेरी हो तुम, तुम मेरी हो।