
One person. Your entire world. A soulful journey about finding your everything in one person — this one's for the romantics.
Written by Dr Abhishek Srivastava
दिल ख़ुद से अंजाना था, हर ख़ुशी से बेगाना था, देखो न, अब है ये मुस्कुराता सा, है बेवजह गुनगुनाता सा। तुझमें ही है डूबा सा, तुझमें ही है खोया सा, हम, अब हम ही नहीं हैं… कोई ग़म ही नहीं है, अगर तुम हो तो।
अगर तुम हो तो, शामें जवाँ हैं। अगर तुम हो तो, खुशियों का जहाँ है। ना कोई भी कमी है, कोई ग़म ही नहीं है… अगर तुम हो तो।
ये दुनिया हसीं है, खुशियाँ हर कहीं हैं। हर पल दिलनशीं है। दिल की इस ज़मीं में, तेरे प्यार की नमी है, कोई ग़म ही नहीं है… अगर तुम हो तो।
मेरे सपनों को मिली, तेरी मोहब्बत की सरज़मीं है। कोई ग़म ही नहीं है… अगर तुम हो तो।